Sunday, November 10, 2019
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छंद सरिता
अनुराधा चौहान'सुधी' 1. रमेश छंद 122 222 122 122 22 जपो श्री राधा राधा,रुलाए न कोई बाधा। मिटाती कष्टों को, हमारी किशोरी राधा॥ 2. ...
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*१--उपहार* निहार रही मुख आनन में, छवि राम बसी सिय के मन में। सखी हँस संग किलोल करें, मुस्कान लिए घर आँगन में। अपार खुशी फिर नीर बनी, नयना छ...
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महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लखन को साथ ले जाने की याचना करते हुए कहते हैं। सुनो राजन पड़ी विपदा, नहीं अब चैन आता है। वनों के बीच द...
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विद्या बिन जीवन है कोरा, भरलो अपना ज्ञान कटोरा। विद्या जीवन की सुखदाता, धन वैभव सब घर में आता। मूढ़ मनुज की एक कहानी, जग को समझे वो अज्ञानी...

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