Thursday, July 9, 2020
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छंद सरिता
अनुराधा चौहान'सुधी' 1. रमेश छंद 122 222 122 122 22 जपो श्री राधा राधा,रुलाए न कोई बाधा। मिटाती कष्टों को, हमारी किशोरी राधा॥ 2. ...
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चल हट जा ना झूठे सुन तेरी बातें हम तुझसे ही रूठे यह झूठ बहाना है कर प्यारी बातें अब घर भी जाना है क्या बोलूँ मैं छलिए ...
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पिता के वचनों को पूरा करने के लिए वनवास जाने से पहले श्री राम भाई लक्ष्मण और सीता जी के साथ महाराज दशरथ से आज्ञा लेते हुए उन्हें धीरज रखने...
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*१--उपहार* निहार रही मुख आनन में, छवि राम बसी सिय के मन में। सखी हँस संग किलोल करें, मुस्कान लिए घर आँगन में। अपार खुशी फिर नीर बनी, नयना छ...

आशा का संचार करती सुन्दर रचना।
ReplyDeleteजी नमस्ते ,
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (११-०७-२०२०) को 'बुद्धिजीवी' (चर्चा अंक- ३५६९) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है
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अनीता सैनी
हार्दिक आभार सखी
Deleteसुंदर और सार्थक संदेश।
ReplyDeleteहार्दिक आभार श्वेता जी
Deleteसार्थक संदेश।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आदरणीय
Deleteधैर्य और विश्वास पर सार्थक मुक्तक सखी।
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